योगन की माया
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| What is spirituality? |
या बुलाओ माया
रोम- योगन कह लो मुझे
रोम प्रेम प्रतिभूत मेरा
झूठी-सी लागे काया
न तुम्हारे आने की उम्मीद है
न तुम्हारे जाने का डर
मुझसे भी पहले
तुम मेरे अन्दर
मेरे बाद भी
सब तुम्हारा ही आडम्बर
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| What is spirituality? |
मैं मटमैली, मैं सुरीली
गंगा की पवित्र लहरों-सी
या गाँव शहर पखारती
मैं कोई बरसाती नाली
कर्म, काया सब धूलि
जब अथाह समुद्र ने बाहें फैला लीं
मैं तुममें समा गई
तुम्हारी जैसी हो गई
मेरा भी नाम अब सागर
मेरे बूँद अब तुम्हारे बूँदों के बराबर
कौन राधा, कौन श्याम
कौन दास और अब कौन राम
मैं, और मेरी काया
था इतना ही फासला
मेरे और तुम्हारे दरम्यान
रगों में बहने लगा
जब से तुम्हारा ही नाम
जग ने किया मीरा को बदनाम
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| What is spirituality? |
कोई मुझे योगन बुलाये
कोई कहे बावरी
जहर पी के भी मीरा भजे
लोग बुलाये मायावी
हर क्षण दिल मेरा ये ही कहे
श्याम, एक तू ही सखा री
इस योगन पर
तुम्हारी प्रीत का साया
मैं माया, तुम माया
प्रीत तुम्हारी माया
रोम-रोम प्रेम प्रतिभूत मेरा
झूठी-सी लागे काया।
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